फ़रवरी 27, 2026 10:56 पूर्वाह्न

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एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय शामिल करना दुर्भाग्यपूर्ण: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय शामिल करना दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। संवाददाताओं से बातचीत में श्री प्रधान ने कहा कि उन्होंने एन.सी.ई.आर.टी. को सभी पुस्तकें वापस लेने और रद्द करने का निर्देश दिया है और कहा कि सरकार का न्यायिक प्रणाली का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है। इस मामले पर खेद व्यक्त करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी आदेश होगा। मंत्रालय उसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विभाग के सचिव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि एनसीईआरटी की पुस्तक में इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना अध्याय जोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय वाली कक्षा 8 की एनसीईआरटी की पुस्तक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल प्रारूपों को भी हटाने का आदेश दिया था। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को तय की।

कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक के अनुसार, भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी न्यायिक प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों में से हैं। भ्रष्टाचार संबंधी खंड में कहा गया है कि न्यायाधीश न्यायालय के अंदर और बाहर दोनों जगह अपने व्यवहार को नियंत्रित करने वाली आचार संहिता से बंधे होते हैं। पुस्तक में यह भी उल्लेख किया गया है कि पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने के लिए संघीय और राज्य स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी का उपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई शामिल है।