पंजाब में बठिंडा के जोधपुर रोमाना गांव को सिरसा -हरियाणा के मंडी डबवाली से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-54 के 27 किलोमीटर से अधिक लंबे खंड पर 6 लेन के निर्माण और उन्नयन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह परियोजना अमृतसर-बठिंडा-जामनगर आर्थिक गलियारे का अभिन्न अंग है। यह पंजाब और पश्चिमी भारत के बीच आर्थिक संपर्क को मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण -एनएचएआई द्वारा विकसित इस परियोजना की प्रगति और कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए अधिकारियों ने कल परियोजना स्थल का दौरा किया। एनएचएआई सूत्रों ने आकाशवाणी को बताया कि कुल 27 दशमलव 4 किलोमीटर की परियोजना लंबाई में से केवल शून्य दशमलव 310 किलोमीटर का कार्य ही पूरा होना बाकी है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण का मुद्दा लंबित है, जिसे राज्य सरकार के सहयोग से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जा रहा है।
यह गलियारा आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पंजाब के कई विशेष आर्थिक क्षेत्रों -एसईजेड और प्रस्तावित औद्योगिक समूहों को जोड़ता है। इनमें औद्योगिक शहर लुधियाना के 8 और जालंधर के 9 क्षेत्र शामिल हैं। जालंधर मुख्य रूप से खेल सामग्री, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग के लिए जाना जाता है।
इन औद्योगिक केंद्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करके, इस परियोजना से माल की सुगम आवाजाही, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिलने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आर्थिक लाभों के अलावा यह परियोजना अमृतसर, सुल्तानपुर लोधिया और तलवंडी साबो जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाती है, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।