राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति- एन.ई.एस.टी.एस. ने ई.एस.एस.ई.-2025 के पहले चरण के परीक्षा परिणाम के बाद भ्रामक मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने बताया है कि कुछ रिपोर्टों में भ्रामक तस्वीर पेश की गई है कि कम या नकारात्मक अंक वाले उम्मीदवारों का भी चयन हो गया है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। समिति ने बताया कि ई.एस.एस.ई.-2025 के तहत सात हजार से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई थी और चयन प्रक्रिया दो चरणों वाली परीक्षा प्रणाली पर आधारित है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दिसंबर 2025 में आयोजित पहला चरण केवल स्क्रीनिंग और योग्यता निर्धारण का चरण है। इसका उद्देश्य दूसरे चरण के लिए उम्मीदवारों का चयन करना है।
समिति ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में कम या नकारात्मक कट-ऑफ केवल प्रतियोगी परीक्षा में सापेक्ष प्रदर्शन को दर्शाता है। इसका मतलब नियुक्ति के लिए पात्रता या मानकों में किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतिम योग्यता और चयन पूरी तरह से दूसरे चरण की परीक्षा के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। समिति ने कहा कि उम्मीदवारों को दूसरे चरण में न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने होंगे। यदि उम्मीदवार दूसरे चरण में यह योग्यता मानदंड पूरा नहीं करते हैं, तो पहले चरण में उनके बेहतर प्रदर्शन या उच्च अंकों के बावजूद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।