कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलीजेंस को संयोजित करने वाला हाईब्रिड मॉडल भविष्य के लिए उत्तरदायी और प्रभावी लोक प्रशासन के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होगा। नई दिल्ली में क्षमता निर्माण के लिए एआई: शासन का परिवर्तन विषय पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक शक्तिशाली साधन के रूप में देखा जाना चाहिए और इसे हमेशा मानवीय विवेक और जिम्मेदारी के माध्यम से निर्देशित किया जाना चाहिए।
क्षमता निर्माण तंत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण पर डॉक्टर सिंह ने कहा कि इसने एआई सारथी, एआई ट्यूटर और एआई आधारित क्षमता निर्माण योजनाओं जैसे एआई संचालित उपकरणों को अंगीकार किया है। उन्होंने कहा कि ये उपकरण मंत्रालयों और विभागों में व्यक्तिगत शिक्षण मार्ग, त्वरित योजना और बेहतर कार्यान्वयन को सक्षम बना रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कर्मयोगी क्लासरूम का भी शुभारंभ किया। यह आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर एक नई एआई-सक्षम सुविधा है। इस सुविधा को सिविल सेवकों के लिए प्रासंगिक, इंटरैक्टिव और व्यक्तिगत शिक्षण को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।