मार्च 2, 2026 9:16 अपराह्न

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 16 पुस्तकों का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित 16 पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें 14 पुस्तकें तमिल भाषा में और एक-एक पुस्तक हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा में हैं। इन 13 पुस्तकों में से कुछ पुस्‍तकें तमिल विद्वानों, विरासत, वास्तुकला और संस्कृति पर आधारित हैं।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बंकिम चंद्र चटर्जी के जीवन पर तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में एक पुस्तक का विमोचन भी किया।

पुस्तक विमोचन समारोह में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तमिल साहित्य में लेखकों के योगदान और इसे विश्व स्तर पर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज प्रकाशित पुस्तकें तमिल सभ्यता की गहराई और विविधता को दर्शाती हैं, जिनमें मंदिर परंपराएं, दर्शन, वास्तुकला, साहित्य, संगीत, विज्ञान, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक विचार शामिल हैं।

तमिल को विश्व की सबसे प्राचीन शास्त्रीय भाषाओं में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रकाशित पुस्तकें तमिल ज्ञान प्रणालियों की बौद्धिक गहराई और सभ्यतागत निरंतरता को प्रतिबिंबित करती हैं। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकें साहित्यिक कृतियों से कहीं अधिक हैं और युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करेंगी।

इस अवसर पर श्री वैष्णव ने कहा कि तमिल संस्कृति को विश्व की सबसे अनूठी संस्कृति के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पुस्तक विमोचन समारोह देश के विकास के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में प्रकाशन विभाग के प्रधान महानिदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने बताया कि आज विमोचित की गई 14 तमिल भाषा की पुस्तकें तमिल संस्कृति, संगीत और कृषि पर आधारित हैं। उन्होंने लोगों से आज विमोचित पुस्तकों को खरीदने और पढ़ने की अपील की।