उत्तरी रेलवे के जम्मू संभाग ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए, बेंगलुरु से जम्मू-कश्मीर तक 23 विदेशी नस्ल के सांड पहुंचाए। यह पहल कृषि और पशुपालन विभागों के प्रजनन विकास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे रेलवे सुगम बना रहा है। पहले केवल ऑटोमोबाइल, सेब, स्टील और अनाज जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए इस्तेमाल की जा रही मालगाडियां अब एक विशेष पहल के अंतर्गत पार्सल वैन के माध्यम से पशुधन परिवहन के लिए उपयोग की जा रही हैं। यह ऐतिहासिक परिवहन न केवल रसद की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ये कश्मीर की दुग्ध अर्थव्यवस्था के लिए भी क्रांतिकारी साबित होगा। इन उच्च गुणवत्ता वाले विदेशी सांडों के आने से कश्मीर में मवेशियों की स्थानीय नस्लों में सुधार होगा, जिससे दूध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
News On AIR | फ़रवरी 9, 2026 12:16 अपराह्न
उत्तरी रेलवे के जम्मू संभाग की बड़ी उपलब्धि, बेंगलुरु से जम्मू-कश्मीर तक 23 विदेशी नस्ल के सांड पहुंचाए