जनवरी 27, 2026 9:46 अपराह्न

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उच्चतम न्यायालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एसिड हमले के मामलों का विवरण मांगा

उच्‍चतम न्‍यायालय ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एसिड हमले के मामलों की संख्या और अदालतों में उनकी स्थिति सहित कई तरह की जानकारी देने को कहा है। न्‍यायालय ने पीड़ितों की सहायता के लिए पुनर्वास उपायों की जानकारी देने का भी निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्‍यायाधीश आर महादेवन तथा जॉयमाल्य बागची की पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निचली अदालतों में चार्जशीट दाखिल हुए मामलों की संख्या के बारे में जानकारी देने को कहा है। पीठ ने जानकारी देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

एसिड हमले मामलों में दोषियों के लिए असाधारण दंडात्मक उपायों का समर्थन करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र से दहेज हत्या के मामलों की तर्ज पर ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने के लिए कानून में संशोधन करने पर विचार करने को कहा। पीठ ने उनसे उन मामलों का विवरण भी मांगा जिनमें पीड़ितों को जबरन तेजाब पिलाया गया था। पीठ ने तेजाब हमले के मामलों में दोषियों को दी गई अपर्याप्त सजा का जिक्र भी किया।

पीठ ने उनसे प्रत्येक पीड़ित का संक्षिप्त विवरण, उसकी शैक्षणिक योग्यता, रोजगार और वैवाहिक स्थिति, चिकित्सा उपचार और किए गए या किए जाने वाले खर्चों का विवरण भी देने को कहा। पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे पीड़ितों के लिए पुनर्वास योजना का विवरण भी देने को कहा।

न्‍यायालय तेजाब हमले की शिकार हरियाणा की शाहीन मलिक की एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

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