उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा- नीट यूजी से संबंधित कई याचिकाओं पर आज सुनवाई की। इनमें नीट-2024 परीक्षा में अनियमितताओं और कदाचार के आरोप तथा नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल है। एक याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित वकील ने न्यायालय से कहा कि यह परीक्षा पेपर लीक, ओ.एम.आर. शीट में गडबडी और नकल के कारण रद्द कर दी जानी चाहिए।
जबाव में न्यायालय ने कहा कि परीक्षा रद्द करना अंतिम उपाय होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड ने कहा कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है और परीक्षा दोबारा कराने से पहले पेपर लीक के बारे में जानना जरूरी है।
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ कुल अड़तीस याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
इससे पहले, शीर्ष अदालत के समक्ष दायर एक हलफनामे में, केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी-एनटीए ने कहा था कि परीक्षा में अनियमितताओं के किसी भी सबूत के अभाव में परीक्षा दोबारा आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। नई परीक्षा से लाखों वास्तविक उम्मीदवार प्रभावित होंगे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए देशभर में नीट यूजी की परीक्षा का आयोजन एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रम के लिए करती है।