जनवरी 13, 2026 9:29 अपराह्न

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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तीसरे सप्‍ताह भी जारी

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तीसरे सप्‍ताह भी जारी है। कई हफ्तों तक संचार बाधित रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय फोन पर संपर्क कर पाने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने तबाही के मंजर का वर्णन किया है। जिसमें कई बैंक और सरकारी कार्यालय जला दिए गए हैं। चौथे दिन भी इंटरनेट बंद होने से बैंकिंग कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए है। जिससे वित्तीय संस्थानों को बुनियादी लेनदेन में कठिनाई हो रही है, जबकि मोबाइल फोन सेवाएं भी लगभग ठप्प पड़ी हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि तेहरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को संयुक्त राज्य अमरीका के साथ सभी लेनदेन पर 25 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हैं तो वाशिंगटन हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ रहा है। इन धमकियों के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अमरीका के साथ बातचीत के लिए तैयार है, साथ ही साथ “युद्ध के लिए भी तैयार” है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि ईरान के विदेश मंत्री ने हाल के दिनों में ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ संपर्क बनाए रखा है।

विश्व बैंक के अनुसार, ओपेक का सदस्य ईरान 147 व्यापारिक साझेदारों को सामान निर्यात करता है, जिनमें चीन सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। चीन के साथ ईरान का व्यापार लगभग 22 अरब डॉलर का है, जो मुख्य रूप से ईंधन निर्यात से प्रेरित है। ईरान के आयात का लगभग एक तिहाई हिस्सा खाद्य पदार्थों का है, इसलिए व्यापार प्रतिबंधों को और कड़ा करने से कमी बढ़ सकती है और जीवन यापन की लागत में वृद्धि हो सकती है।

2025 के पहले दस महीनों में ईरान के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 134 अरब डॉलर रहा, जिसमें बासमती चावल, फल, सब्जियां और दवाइयां जैसे प्रमुख भारतीय निर्यात शामिल हैं। इससे भारत उन देशों में शामिल हो जाता है जो प्रस्तावित अमरीकी प्रतिबंधों से प्रभावित हो सकते हैं।