ईरान में पिछले तीन वर्षों में अब सर्वाधिक विद्रोह देखा जा रहा है। देशभर में जारी इस विरोध प्रदर्शन को आज दस दिन हो चुके हैं। प्रमुख शहरों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, वहीं अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि हिंसा बढ़ने पर वे प्रदर्शनकारियों का साथ दे सकते हैं।
ईरान की मुद्रा रियाल के तेजी से गिरने और बढ़ती महंगाई के कारण ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जो अब तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से शुरू होकर कम से कम 78 शहरों और 31 प्रांतों में फैले 220 से अधिक स्थानों तक पहुंच गए हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि कम से कम 16 से 20 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सरकारी प्रतीकों को निशाना बना रहे हैं। वर्ष 2022-23 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में व्यापक अशांति है।
ईरान के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि अमरीका की चेतावनी ने प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के प्रयासों को जटिल बना दिया है। इसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से और बल मिला है। खबरों के अनुसार ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने सुरक्षा रणनीति और आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन बैठक की। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने संयम और बातचीत का आह्वान किया है, जबकि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ‘दंगाइयों’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अधिकारियों ने कुछ क्षेत्रों में बंद लागू करने के लिए ऊर्जा की कमी और शीत ऋतु की स्थिति का हवाला दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने विशेष रूप से पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में गोला बारूद और आंसू गैस का उपयोग करते के अलाावा बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की हैं।