फ़रवरी 22, 2026 8:48 पूर्वाह्न

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ईरान में छात्रों ने बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शन किए

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर पिछले महीने सरकार की ओर से की गई हिंसक कार्रवाई के बाद कई विश्वविद्यालयों के छात्रों ने बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शन किए। राजधानी तेहरान स्थित शरीफ़ विश्वविद्यालय में कल छात्रों ने मार्च किया।

इस दौरान सरकार-समर्थक समूहों के साथ उनकी झड़पें हो गई। तेहरान और उत्तर-पूर्वी ईरान में भी धरना प्रदर्शन किया गया, जिनमें पिछले महीने जन प्रदर्शनों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।

उधर, अमरीका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अमरीका ने अपनी सैन्य शक्ति को ईरान के करीब ला दिया है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही परमाणु समझौता नहीं हुआ तो अमरीका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

अमरीकी और ईरानी अधिकारियों ने इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में मुलाकात की थी। बाद में अमरीका की ओर से कहा गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के बारे में बातचीत में प्रगति हुई है।

राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्प ने कहा कि दुनिया को लगभग 10 दिनों के अन्दर पता चल जाएगा कि समझौता होगा या अमेरिका बल का प्रयोग करेगा।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ द्वारा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने पर प्रतिक्रिया देते हुए यूरोपीय संघ की नौसेना और वायु सेना को भी आतंकवादी समूह कहा है।

ईरान ने कहा कि यह एक कानूनी जवाबी कार्रवाई थी क्योंकि यूरोपीय संघ ने आईआरजीसी को आतंकवादी घोषित करने में अमरीका का अनुसरण किया है।

अमरीका, इस्राइल और उनके सहयोगी देश यूरेनियम संवर्धन रोकने के लिए ईरान पर दबाव बना  रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि इससे परमाणु हथियार बन सकते हैं। हालांकि ईरान इससे इनकार करता रहा है।

मीडिया के अनुसार, अमरीका ने वायु और नौसेना को ईरान के जनदीक तैनात कर दिया है। ये 2003 के बाद से इस क्षेत्र में अमरीका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती है।

कथित तौर पर वे इस सप्ताह के अंत तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार हैं, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

 

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