ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई) पर आरोप लगाया है कि उसने अपने क्षेत्र का इस्तेमाल ईरानी ठिकानों पर मिसाइल हमलों के लिए होने दिया। ईरान के इस आरोप के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि दो ईरानी ठिकाने खारग द्वीप तथा अबू मूसा पर रात भर हुए हमले रास अल खैमाह और दुबई के पास तैनात हिमर्स रॉकेट प्रणालियों से किए गए थे।
ईरान के खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने यू.ए.ई के निवासियों को जेबेल अली, खलीफा बंदरगाह और फुजैरा बंदरगाह सहित प्रमुख बंदरगाहों के पास के क्षेत्रों को खाली करने की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि अमरीकी सैन्य संपत्तियों से जुड़े इन ठिकानों को संभावित जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जा सकता है।
यू.ए.ई सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने बताया कि देश ने अपने क्षेत्र से हमलों की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि यू.ए.ई संवाद और कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने दहशत को नियंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठे संघर्ष के वीडियो फैलाने के आरोपी दस लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात – यू.ए.ई ने आज सुबह एक नए मिसाइल हमले की सूचना दी है। यह घटना ईरान द्वारा यू.ए.ई के तीन प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने के आह्वान के एक दिन बाद हुई है। ईरान ने पहले संभावित हमलों की चेतावनी दी थी और अधिकारियों से बंदरगाहों को खाली करने को कहा था।
इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजेंगे।
उधर, इस्राएली हमलों के कारण लेबनान में मानवीय स्थिति और खराब हो गई है। वहां अब तक लगभग आठ सौ लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 8 लाख 50 हजार से अधिक लोग विस्थापित होना पड़ा है।