जनवरी 16, 2026 9:42 अपराह्न

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ईरान की मौजूदा स्थिति पर भारत बारीकी से नजर रखे हुए है: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत, ईरान की मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में कहा कि भारत ईरान में रह रहे भारतीयों के हित में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ईरान में  लगभग नौ हजार भारतीय नागरिक हैं जिनमें अधिकतर छात्र हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने परामर्श जारी करके भारतीयों को ईरान जाने से बचने की सलाह दी है और ईरान में रह रहे लोगों को वापस लौटने को कहा गया है।

चाबहार बंदरगाह के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि पिछले वर्ष 28 अक्टूबर को अमरीकी वित्त विभाग ने सशर्त प्रतिबंध छूट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे जो इस वर्ष 26 अप्रैल तक वैध हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहा है।

जापान के साथ रक्षा सहयोग के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि यह भारत-जापान सहयोग का एक महत्वपूर्ण तत्व है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री के बीच आज इस विषय पर चर्चा हुई। प्रवक्‍ता ने कहा कि भारत संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है और कई परियोजनाएं विचाराधीन हैं। तीन दिन के दौरे पर भारत आए जापान के विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और बाद में विदेश मंत्री एस.जयशंकर के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में भाग लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा पहल के अंतर्गत, भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र संवाद आयोजित करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग को गति देने के लिए दोनों पक्षों ने विदेश मंत्रालयों के नेतृत्व में एआई संवाद शुरू किया है। इसके अलावा, दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।म्यामां चुनावों पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत को वहां समावेशी और