ईरान और अमरीका के बीच परमाणु वार्ता शुक्रवार को ओमान में शुरू होगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कल यह घोषणा की। यह घोषणा वार्ता के प्रारूप और स्थान में बदलाव को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याओं के बाद आई है। मूल रूप से तुर्की में होने वाली वार्ता को ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर द्विपक्षीय चर्चा तक सीमित करने का दबाव बनाया था। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने अमरीका के ओमान में होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता में भाग लेने की पुष्टि की है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने वार्ता के प्रति अपना समर्थन जताते हुए विदेश मंत्री को निष्पक्ष और न्यायसंगत वार्ता करने का निर्देश दिया है।
अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमरीका ईरान की मिसाइलों, क्षेत्रीय गुटों को समर्थन और मानवाधिकारों सहित व्यापक मुद्दों पर चर्चा करने की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि ईरान के धार्मिक नेतृत्व में ईरान की जनता की राय स्पष्ट नहीं है। उन्होंने शासन और आम नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर का उल्लेख किया।
अमरीका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि कूटनीति जटिल है क्योंकि ईरान के सर्वोच्च नेता के पास अंतिम अधिकार है। उन्होंने कहा कि श्री ट्रंप की प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति गैर-सैन्य समाधानों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी कर सकते हैं।