ईरान में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि अमरीका के साथ वार्ता फिर से शुरू करने की शर्तों पर विचार किया जा रहा है। दोनों देशों ने मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे परमाणु विवाद पर कूटनीति को पुनर्स्थापित करने का संकेत दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने आज कहा कि उनका देश वार्ता के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रहा है। यह भी कहा गया कि ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय है क्योंकि वह स्वयं पर लगे प्रतिबंधों को शीघ्रता से हटवाना चाहता है।
ईरानी सूत्रों के अनुसार, अमरीका ने वार्ता फिर से शुरू करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें ईरान के भीतर यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाना और क्षेत्रीय गुटों को दिए जाने वाले समर्थन को बंद करना शामिल है। हालांकि ईरान ने इन मांगों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया है।
उधर, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान से परमाणु रियायतों की मांग कर रहे हैं और ईरान के तट पर नौसैनिक बेड़ा भेजने का आदेश दे चुके हैं। पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद समुद्र में अमरीकी नौसेना की तैनाती के बाद से तनाव बना हुआ है।
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी और पश्चिमी राजनयिक ने कहा कि अमरीका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची अगले कुछ दिनों में तुर्किए में मिल सकते हैं।