इस्पात मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली 85 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने बताया कि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना-पीएलआई के तीसरे चरण के अन्तर्गत 55 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस बात पर बल दिया कि पीएलआई एक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विशिष्ट इस्पात पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन्नत और रणनीतिक इस्पात उत्पादों में घरेलू क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करके मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दोहरी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाती है। श्री कुमारस्वामी ने इस बात बल दिया कि पीएलआई घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने, विदेशी मुद्रा का संरक्षण और भारत को उन्नत इस्पात के एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने तथा संरचनात्मक अंतर को दूर करने का प्रयास करती है।