नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आज दूसरा दिन है। आज समावेशी और परिवर्तनकारी विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर केंद्रित पैनल चर्चा आयोजित की जाएंगी।
इन सत्रों में सामाजिक कल्याण में एआई का प्रभाव, भारत की संप्रभु एआई और डेटा का स्केलिंग प्रभाव और नवाचार से प्रभाव तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य में एआई से क्रांतिकारी परिवर्तन विषय पर चर्चा होगी।
पांच दिन का सम्मेलन कल से शुरू हुआ। इसमें राष्ट्रीय रक्षा के लिए एआई, एआई युग में साइबर सुरक्षा रणनीति और जन-हितैषी एआई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल चर्चाएं शामिल हैं।
आज स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा, कृषि, लैंगिक सशक्तिकरण और दिव्ंयागता में एआई पर केसबुक सहित प्रमुख ज्ञानकोश का विमोचन होगा।
आज ही एआई के अनुप्रयोग पर एक विशेष सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा। आज होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में व्यावहारिक नवाचार, सहयोगात्मक ढांचे और समावेशी डिजिटल प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है। इसमें बीस देशों के वैश्विक नेता भाग ले रहे हैं।
इसमें वैश्विक नेता, नीति निर्माता, प्रौद्योगिकी कंपनियां, नवप्रवर्तक और विशेषज्ञ एक ही मंच पर शासन, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का प्रदर्शन और विमर्श कर रहे हैं।
एआई के रणनीतिक महत्व को समझते हुए भारत ने एक मजबूत और समावेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को उच्च प्राथमिकता दी है।
इंडिया एआई मिशन, एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना का विकास, स्वदेशी एआई मॉडल को प्रोत्साहन और बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम जैसी पहलें देश में जिम्मेदार और विश्वसनीय एआई के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
पंचायती राज मंत्रालय की सलाहकार सोनाक्षी वार्ष्णेय ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रमुख हितधारकों और नवप्रवर्तकों को एक साथ लाने के लिए महत्वपूर्ण मंच है।
आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय जमीनी स्तर पर सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन एआई-आधारित पहलों का प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इन पहलों में सभाचार, प्रमाण और ई-ग्राम साथी शामिल हैं, जो पंचायती राज संस्थाओं को सहयोग देने के लिए डिज़ाइन किया गया एक एआई-संचालित चैटबॉट है।
आईगॉट कर्मयोगी के प्रबंधक विनायक ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए एकीकृत प्रशिक्षण के माध्यम से लोक सेवकों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसमें एआई द्वारा तैयार बहुभाषी प्रतिलेख भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समिट में उनके विशेष स्टॉल पर इन पहलों को प्रदर्शित किया गया है।
कोल इंडिया लिमिटेड -सीआईएल के तकनीकी निदेशक अच्युत घटक ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर भाग लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में श्री घटक ने बताया कि सीआईएल अपने परिचालन को और अधिक कुशल बनाने के लिए एआई तकनीकों का उपयोग कर रही है।