संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरश ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विनियमन संयुक्त राष्ट्र का कार्य नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सरकारों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की भागीदारी के साथ एआई पर एक वार्षिक वैश्विक संवाद आयोजित करने की योजना बना रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने से पहले एक समाचार एजेंसी के साथ साक्षात्कार में गुतेरश ने एआई पर वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट के तहत तीन प्रमुख पहलों की चर्चा की। इनमें एआई पर विश्व के 40 विशेषज्ञों के एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल का गठन शामिल है। उन्होंने कहा कि यह पैनल एआई की प्रगति और जोखिमों पर स्वतंत्र वैज्ञानिक आकलन प्रस्तुत करेगा जिससे सरकारों को नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हाल ही में इस पैनल के सदस्यों की नियुक्ति की है, जिनमें आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर बालरामन रविंद्रन भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने विकासशील देशों को एआई क्षमता निर्माण में सहायता के लिए तीन अरब डॉलर तक के एक स्वैच्छिक वैश्विक कोष का भी प्रस्ताव रखा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अपनी भारत यात्रा के दौरान शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। श्री गुतेरश, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक डिजिटल सहयोग पर चर्चा में भाग लेंगे।