जनवरी 20, 2026 12:34 अपराह्न

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आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण से मौतों पर हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकारा

बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को आदिवासी मेलघाट इलाके में लगातार हो रही बच्चों और माताओं की मृत्‍यु को रोकने में बहुत कम प्रगति करने पर फटकार लगाई है। न्‍यायालय ने राज्‍य को स्‍वास्‍थ्‍य सेवा तैनाती, अवसंरचना और विगत समिति की रिपोर्ट के कार्यान्‍वयन को सम्मिलित करते हुए चार सप्‍ताह के भीतर एक व्‍यापक रूपरेखा प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिए हैं।

न्‍यायाधीश रविन्‍द्र घुगे और अभय मंत्री की एक खंडपीठ ने कार्यकर्ता डॉ राजेन्‍द्र बर्मा और बांडू साने द्वारा दर्ज जनहित याचिकाओं की सुनवाई की। सुनवाई में खंडपीठ ने मेलघाट में अत्‍यधिक कुपोषण, कर्मचारियों की कमी, खराब अवसंरचना और शिशु मृत्‍यु दर में हुई वृद्धि का उल्‍लेख किया।

न्‍यायालय ने जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्त्री रोग विशेषज्ञों और बाल रोग विशेषज्ञों के लिए दूरस्थ सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों तक लंबी दूरी तय करने के लिए दैनिक रोस्टर तैयार करने की प्रथा की भी निंदा की।न्‍यायालय ने इसे अप्रभावी और निराशाजनक बताया।

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