जनवरी 31, 2026 9:36 अपराह्न

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आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति के लिए एक मजबूत नियम होना चाहिए: विदेश मंत्री

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्‍त न करने की नीति के लिए एक मजबूत और सार्वभौमिक नियम होना चाहिए। यह बात उन्‍होंने आज नई दिल्ली में चल रही दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कही।

डॉ. जयशंकर ने बताया कि आतंकवाद के सभी रूपों से भारत और अरब देशों को समान रूप से खतरा है। उन्होंने विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद को अस्‍वीकार्य बताया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। उन्होंने इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

     डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और अरब लीग के सभी देशों के बीच मजबूत ऐतिहासिक साझेदारी है। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक ऐसे समय पर हो रही है, जब वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं और राजनीति, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी तथा जनसांख्यिकी जैसे कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं।

     पश्चिम एशिया की स्थिति पर उन्‍होंने बात की और कहा कि बीते एक वर्ष में क्षेत्र का परिदृश्य तेजी से बदला है, जिसका प्रभाव भारत और अरब देशों पर भी पड़ रहा है। उन्‍होंने गाजा में शांति योजना को आगे बढ़ाने को अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय की साझा प्राथमिकता बताया।

    विदेश मंत्री ने सूडान, यमन, लेबनान, लीबिया और सीरिया की स्थिति पर भी सामूहिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया और क्षेत्र की स्थिरता को सभी के लिए महत्‍वपूर्ण बताया।

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