विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से चीन की दो दिन की यात्रा पर हैं। वे कल तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में संगठन के सदस्य देशों के बीच सहयोग तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श होगा।
इस समूह में भारत, चीन, रूस, ईरान, कजाख्स्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस सहित 10 देश हैं। चीन शंघाई सहयोग संगठन का वर्तमान अध्यक्ष है।
इस बैठक से अलग डॉ. जयशंकर द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ भी उनकी बैठक हो सकती है। आशा है कि दोनों नेता द्विपक्षीय सम्बंधों को सामान्य बनाने और लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने पर आगे चर्चा करेंगे।
पिछले साल अक्टूबर में लद्दाख में गतिरोध समाप्त करने पर सहमत होने के बाद से दोनों देश, सम्बंधों को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बाद विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर की यह पहली चीन यात्रा होगी।