भारतीय नौसेना का पोत-आईएनएसवी कौंडिन्या ओमान के मस्कट की अपनी पहली विदेशी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद स्वदेश लौटा।
परेड और पारंपरिक सलामी के साथ पोत का स्वागत किया गया, जिससे बंदरगाह में एक भव्य और भावपूर्ण वातावरण बन गया। यह आयोजन भारत की समुद्री विरासत पर गर्व और चालक दल की उपलब्धि के प्रति प्रशंसा का प्रतीक था।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में पोत का ध्वजारोहण किया।
मुंबई में ओमान सल्तनत के महावाणिज्यदूत श्री महबूब ईसा अलरैसी, नागरिक समाज के प्रतिष्ठित सदस्य, समुद्री समुदाय के सदस्य, इतिहासकार और नौकायन प्रेमी इस अवसर पर उपस्थित थे।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने परियोजना के राष्ट्रीय महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्या भारत की प्राचीन समुद्री ज्ञान प्रणालियों के पुनरुद्धार का प्रतीक है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उन्होंने इस यात्रा में प्रदर्शित साहस और दृढ़ता की भावना को रेखांकित करते हुए युवा भारतीयों को सभ्यतागत आत्मविश्वास पर आधारित रोमांच और नवाचार को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।