इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह आंध्र प्रदेश के लिए ऐतिहासिक रहा। यह समारोह पहली बार राजधानी अमरावती में आयोजित किया गया। राज्यपाल न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर ने उच्च न्यायालय के निकट आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
राज्यपाल ने भारतीय सेना, आंध्र प्रदेश विशेष पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, केरल सशस्त्र पुलिस, एन.सी.सी, भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स सहित 11 जत्थों से गार्ड ऑफ ऑनर लिया। शून्य निर्धनता, जल सुरक्षा, कौशल और रोजगार, किसान केन्द्रित कृषि प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ आंध्र और डीप प्रौद्योगिकी पहल सहित राज्य के विकास और कल्याण को दर्शाने वाली कुल 22 झांकियां प्रदर्शित की गई।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए कहा कि यह एक गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य परियोजनाओं के रूक जाने के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थी लेकिन अब परियोजनाओं के आगे बढ़ने से राज्य में प्रगति हो रही है और संस्थान सशक्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, विधानसभा अध्यक्ष अय्यन्ना पात्रुडु, मंत्री नारा लोकेश, अचन्नाइडु, नारायण और कोल्लू रविंद्र सहित अन्य मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और राजधानी नगर परियोजना के लिए भूमि दान करने वाले किसान इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। समारोह में राजधानी अमरावती क्षेत्र के बड़ी संख्या में विद्यार्थी और निवासी भी मौजूद थे।