अमरीका में, कैपिटल हिल पर एक कला प्रदर्शनी और वृत्तचित्र स्क्रीनिंग आयोजित की गई। जिसने पाकिस्तान में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की चुनौतियों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया । इन चुनौतियों में जबरन धर्मांतरण, अपहरण और विस्थापन के आरोप शामिल हैं।
‘सेवन डिकेड्स’ शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाले मूक शरणार्थी संकट को दर्शाया गया है। यह कार्यक्रम अमरीकी सांसदों और कांग्रेस के कर्मचारियों को मानवाधिकारों के जान-बूझकर किये जा रहे उल्लंघन, विशेष रूप से हिंदू समुदायों के मानवाधिकार उल्लंघन के साथ ही भारत भागकर आए शरणार्थियों के अनुभवों के बारे में जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया था।
यह प्रदर्शनी पहले सिडनी, मेलबर्न, लंदन, न्यूयॉर्क और मुंबई जैसे शहरों में आयोजित की जा चुकी है। प्रदर्शनी के साथ-साथ, आयोजकों ने पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण और अपहरण पर केंद्रित एक लघु फिल्म और वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें अपहरण, तेजी से धार्मिक धर्मांतरण और आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक परिवारों की नाबालिग लड़कियां की शादी को दिखाया गया है। इसमें यह भी दिखाने की कोशिश की गई है कि गरीबी और सामाजिक हाशिए पर पड़े अल्पसंख्यक समुदायों को कैसे निशाना बनाया जाता है।
पाकिस्तान की कुल आबादी में डेढ प्रतिशत हिंदू हैं। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना था कि इस ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का सीमित ध्यान होने के कारण जबावदेही की कमी है। उन्होंने अमरीकी सांसदों से अधिक जागरूकता और जुड़ाव का भी आग्रह किया।
प्रवासी संगठनों द्वारा आयोजित कैपिटल हिल प्रदर्शनी, कला, फिल्म और व्यक्तिगत अनुभव का उपयोग करके अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय नीति चर्चाओं में लाने के प्रयास को दर्शाती है।