अमरीका ने चीन पर 2020 में परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगाया है। अमरीका ने चेतावनी दी है कि नए बहुपक्षीय शस्त्र नियंत्रण समझौते के अंतर्गत इसे अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
शस्त्र नियंत्रण और अप्रसार मामलों के सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टोफर येव वाशिंगटन डीसी के हडसन इंस्टीट्यूट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अमरीका सरकार को इस बात की जानकारी है कि चीन ने 22 जून, 2020 को लोप नूर परीक्षण स्थल के पास एक परमाणु परीक्षण किया था, जिससे परमाणु क्षमता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि पेइचिंग ने अपनी गतिविधियों को दुनिया से छिपाने के लिए भूकंपीय निगरानी की प्रभावशीलता को कम करने की विधि डिकपलिंग-एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग भूमिगत परमाणु विस्फोट की तीव्रता को कम करने के लिए किया जाता है। चीन ने सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी परीक्षण को स्वीकार नहीं किया है। श्री येव ने कहा कि पेइचिंग ने अपारदर्शिता, अस्पष्टता का सहारा लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प चीन को बहुपक्षीय रणनीतिक स्थिरता वार्ता में शामिल होने का अवसर दे रहे हैं।
परमाणु अप्रसार संधि के पक्षकारों का 2026 समीक्षा सम्मेलन अप्रैल में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होने वाला है।