अमरीका और ईरान आज ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु वार्ता करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। यह बैठक मौजूदा तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल है।
ओमान पश्चिम एशियाई कूटनीति में लंबे समय से तटस्थ मध्यस्थ माना जाता रहा है और उसने पहले भी अमरीका-ईरान वार्ता की मेजबानी की है। इस वार्ता में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे। अमरीकी प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ और संभवतः जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे।
जून 2025 में 12 दिन के इज़राइल-ईरान संघर्ष के बाद तनाव बढ़ गया, जिसके बाद अमरीकी सेना ने ईरान की प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। हाल के महीनों में ईरान ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई भी की है।
ईरान चाहता है कि बातचीत परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों में ढील तक सीमित रहे, लेकिन अमरीका ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी एजेंडे में शामिल करने पर जोर दे रहा है।
इस बीच, अमरीका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच कई परोक्ष वार्ताओं के बाद, आमने-सामने की इस बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर बारीकी से नजर रखे हुए है क्योंकि इसका परिणाम पूरे क्षेत्र में स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा बाजारों और परमाणु प्रसार रोकने के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए अच्छा समय नहीं है।