अबू धाबी का शेख खलीफा मेडिकल सिटी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग के इलाज के लिए आईटीविस्मा टीके का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला अस्पताल बन गया है। चिकित्सा क्षेत्र में इसे एक बडी उपलब्धि माना जा रहा है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवंशिक बीमारी है जो रीढ़ की हड्डी की नसों को प्रभावित करती है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होकर सिकुड़ जाती हैं। आईटीविस्मा टीका फार्मा कंपनी नोवार्टिस ने तैयार किया है। यह दवा दो वर्ष की आयु वाले बच्चों से लेकर वयस्कों तक के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
आईटीविस्मा दवा की कीमत अभी सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन ऐसी संभावना है कि इसकी कीमत ऐसी ही एक अन्य दवा ज़ोलजेन्स्मा के समान हो सकती है। ज़ोलजेन्स्मा की एक खुराक लगभग 20 लाख डॉलर की है।