फ़रवरी 18, 2026 2:10 अपराह्न

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अपतटीय पवन ऊर्जा देश के स्वच्छ, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य का एक मजबूत स्तंभ बन सकती है: केन्द्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कहा कि अपतटीय पवन ऊर्जा देश के स्वच्छ, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य का एक मजबूत स्तंभ बन सकती है। नई दिल्ली में भारत-ब्रिटेन अपतटीय पवन ऊर्जा कार्यबल के शुभारंभ पर उन्होंने यह बात कही। श्री जोशी ने कहा कि  ग्रिड की विश्वसनीयता और स्थिरता, औद्योगिक गहराई तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अपतटीय पवन ऊर्जा की रणनीतिक भूमिका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक 10 गीगावाट अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता के लिए पारेषण योजना पूरी हो चुकी है, जिसमें गुजरात और तमिलनाडु के लिए पांच-पांच गीगावाट शामिल हैं। श्री जोशी ने कहा कि भारत के अपतटीय पवन ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के रणनीतिक नेतृत्व और समन्वय के लिए कार्यबल गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यबल का शुभारंभ विजन 2035 के तहत भारत-ब्रिटेन सहयोग का परिणाम है।

श्री जोशी ने कहा कि भारत ने पिछले वर्ष अपनी कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पांच साल पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश की स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता 272 गीगावाट से अधिक है, जिसमें सौर ऊर्जा 141 गीगावाट से अधिक और पवन ऊर्जा 55 गीगावाट है।