केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अगर जैव ईंधन और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के साथ-साथ उसका उपयोग भी बढ़ाया जाए तो भारत एक ऊर्जा निर्यातक देश बन सकता है। श्री गडकरी कल विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर पुणे में बायोवर्स पहल के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन क्रांति आयात कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्री गडकरी ने कहा कि अब केवल चीनी उत्पादन पर निर्भर रहना व्यावहारिक नहीं है, बल्कि चीनी उद्योग को इथेनॉल, जैव ईंधन और हरित हाइड्रोजन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कृषि उत्पादों से हरित हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधन के उत्पादन पर और अधिक शोध की आवश्यकता पर भी बल दिया। श्री गडकरी ने कहा कि कृषि अपशिष्ट को जैव-सीएनजी और जैव-विमानन ईंधन सहित जैव ईंधन में परिवर्तित किया जाएगा जिससे किसान भी ऊर्जा की आपूर्ति कर सकेंगे। उन्होंने उद्योगों से पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ वैकल्पिक जैव ईंधन के उत्पादन को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया।