वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि विश्वास और मजबूत स्थिति भारत के व्यापार समझौतों के दो मुख्य आधार हैं। मुंबई में वैश्विक आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में श्री गोयल ने कहा कि भारत गठबंधन बनाने, मित्रता स्थापित करने तथा अपने व्यापार और निवेश संबंधी लक्ष्यों को विश्व के साथ संरेखित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने 2022 से अब तक नौ व्यापार समझौतों किए हैं। इनमें से कुछ पर लगभग दो दशकों से बातचीत चल रही थी। श्री गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के प्रस्तावित व्यापार समझौते के सार्वजनिक होने के बाद किसानों की ओर से कोई शिकायत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि किसान, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, मछुआरे और रोजगार जैसे संवेदनशील क्षेत्र वार्ता के केंद्र में बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने किसी भी व्यापार समझौते में अपने डेयरी क्षेत्र को शामिल नहीं किया है।
श्री गोयल ने कहा कि भारत आज विश्व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं जबकि 2016 में यह संख्या मात्र 500 थी। उन्होंने स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की। श्री गोयल ने दोहराया कि भारत 2027 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ रही है।