विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत के उत्थान का आकलन इसकी अपनी शक्ति के आधार पर किया जाएगा, न कि दूसरे देशों की गलतियों के आधार पर। आज रायसीना वार्ता में हिंद महासागर का भविष्य विषय पर उन्होंने कहा कि भारत के अभ्युदय की दिशा बिल्कुल स्पष्ट है, और इसे रोका नहीं जा सकता।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति से हिंद महासागर के अन्य देश भी लाभान्वित होंगे और जो भारत के साथ होंगे, उन्हें अधिक लाभ मिलना तय है।
आज रायसीना वार्ता में सेशेल्स, मॉरिशस और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों तथा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विदेश मंत्री ने भी अपना पक्ष रखा।