देशभर में किसानों को 25 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं। यह योजना सरकार ने वर्ष 2015 में शुरू की थी, जिसका उद्देश्य भूमि में पोषक तत्वों की कमी को दूर करना है। पिछले वर्ष जुलाई तक इस योजना के अंतर्गत 93 हजार से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है, खेतों के छह लाख से अधिक अवलोकन कार्यक्रम आयोजित हुए और हजारों जागरुकता कार्यक्रम भी संचालित किए गए।
सरकार ने कहा है कि ये उपलब्धियां इस योजना के विस्तार और बढ़ते पैमाने को दर्शाती हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड हर दो वर्ष के अंतराल पर वितरित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से भूमि की भौतिक-रसायन जानकारी और पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में सूचना का प्रसार किया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को फसल आधारित खेती करने और सही मात्रा में उर्वरक तथा रासायनिक तत्वों के इस्तेमाल की जानकारी प्रदान करते हैं।
इसमें, जैविक उर्वरक और खाद के सही उपयोग के तरीके भी शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण पहल का लक्ष्य किसानों को बेहतर फसल उगाने के निर्णय लेने और लंबे समय तक मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।