केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि भारत ने जलवायु परिवर्तन के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद- जीडीपी का लगभग 5 दशमलव 6 प्रतिशत इस दिशा में खर्च कर रहा है।
जर्मनी के म्यूनिख में आज ‘अस्थिरता का पैमाना: गर्म होती दुनिया में जलवायु सुरक्षा पर एक पैनल चर्चा में केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारामन ने कहा कि छह साल पहले, भारत जलवायु एक्शन पर अपनी जीडीपी का लगभग 3 दशमलव 7 प्रतिशत खर्च कर रहा था। उन्होंने कहा कि जो देश कार्बन उत्सर्जन की मात्रा बढ़ाने में कम जिम्मेदार हैं, उनसे जलवायु परिवर्तन से निपटने में बराबर वित्तीय बोझ उठाने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय क्षेत्र में अपने राष्ट्रीय स्तर पर तय प्रतिबद्धता का दो-तिहाई हिस्सा हासिल कर लिया है और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करना जारी रखेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारामन ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में कार्बन कैप्चर रणनीति को फंड किया गया है ताकि उन्हें पूरे देश में लागू किया जा सके।