भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की अपनी मांग को और तेज़ करते हुए कहा है कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा कि सुरक्षा परिषद शांति और सुरक्षा से संबंधित अपनी मूल जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सुधारों में स्थायी सदस्यता का विस्तार शामिल होना चाहिए।
सुश्री पटेल ने चेतावनी दी कि इसके बिना यह प्रक्रिया अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि तीसरी श्रेणी पर विचार करना एक छलावा है जिसका उद्देश्य प्रक्रिया में और देरी करना और सुधारों के मार्ग को पूरी तरह से पटरी से उतार देना है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा परिषद के किसी भी पुनर्गठन से मौजूदा असंतुलन को दूर किया जाना चाहिए, न कि उसे और बिगाड़ा जाना चाहिए।