उपराष्ट्रपति ने आज कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से वाद, संवाद, चर्चा, बहस और मंथन के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सार्थक चर्चा और गंभीर मंथन देश को बहुत ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
श्री धनखड ने नई दिल्ली में राज्य सभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के आठवें बेच के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राजनीतिक दलों से रचनात्मक राजनीति करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल राष्ट्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए युवाओं को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार होना चाहिए।
श्री धनखड ने जोर देकर कहा कि राजनीति टकराव नहीं है और यह दिशा हीन कभी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारों में मतभेद हो सकते हैं लेकिन राजनीति से तात्पर्य अलग-अलग माध्यमों से समान लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने देश में प्रत्येक व्यक्ति से राजनीतिक मतभेद घटाने की अपील की।