भारत, इस्पात क्षेत्र में घरेलू आत्मनिर्भरता की ओर लगातार अग्रसर है। भारत, वर्ष 2018 से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बना हुआ है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वैश्विक कच्चे इस्पात उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी वर्ष 2014 के पांच दशमलव दो प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024 में सात दशमलव नौ प्रतिशत हो गई है।
देश में तैयार इस्पात की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 2014-15 के 77 मिलियन टन से बढ़कर 2025-26 में 163 मिलियन टन से अधिक हो गई।