नये व्यापार समझौते के बाद भारत का अमरीका के साथ व्यापार अधिशेष सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। इससे 45 अरब डॉलर का अतिरिक्त वार्षिक व्यापार अधिशेष भी प्राप्त हो सकेगा। भारतीय स्टेट बैंक-एसबीआई ने आज एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि यह वृद्धि भारत के सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी के एक दशमलव एक प्रतिशत के बराबर है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार में तीन अरब डॉलर की बचत भी हो सकती है।
एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा है कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, भारतीय निर्यातक एक वर्ष में शीर्ष 15 वस्तुओं का अमरीका को निर्यात 97 अरब डॉलर तक बढ़ा सकते हैं। अन्य वस्तुओं को शामिल करने पर ये आंकडा 100 अरब डॉलर को पार सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अमरीका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष 40 दशमलव 9 अरब डॉलर था जो बढ़कर 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है।
रिपोर्ट में यूरोपीय संघ के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस समझौते से भारत के लिए 260 अरब डॉलर का कपड़ा बाजार खुल गया है, जिसमें कपड़ा आयात पर कोई शुल्क नहीं है।