रेलवे ने पिछले एक दशक में रेलमार्गों का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण किया है। इससे, रेल संचालन के लिए दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले डीजल की आवश्यकता में कमी आई है। ब्रॉड गेज रेलमार्ग का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब विद्युतीकृत हो चुका है। रेल मंत्रालय ने कहा कि इससे देश में उत्पादित बिजली पर रेलवे की निर्भरता अधिक हो सकेगी, ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा और रेलवे के लिए दूसरे देशों से किए जाने वाले तेल आयात में भी कमी आएगी।
मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में, रेलमार्गों का विद्युतीकरण महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेलवे ने वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2024-25 में 178 करोड़ लीटर डीजल की बचत की, जो डीजल की खपत में 62 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में, भारत में अधिकांश रेलमार्गो का विद्युतीकरण हो चुका है।