जनवरी 21, 2026 5:48 अपराह्न

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दुनिया भारत को वैश्विक नवाचार के प्रमुख चालक के रूप में देखती है: अश्विनी वैष्णव

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज दावोस में विश्व आर्थिक मंच में आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा और मेटा के वैश्विक मामलों के मुख्य अधिकारी जोएल कपलान से मुलाकात की। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री वैष्‍णव ने कहा कि दुनिया भारत को वैश्विक नवाचार के प्रमुख चालक के रूप में देखती है।
 
श्री वैष्णव ने कहा कि एआई बुनियादी ढांचे में 70 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले 12 महीनों में 50 अरब अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त निवेश की उम्मीद है। श्री वैष्णव ने कहा कि अगले महीने होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रौद्योगिकी न केवल भारत बल्कि ग्‍लोबल साउथ के देशों के लिए भी सुलभ हो। 
 
श्री वैष्‍णव ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रमुख के उस बयान को खारिज कर दिया जिसमें भारत को दूसरे दर्जे की एआई शक्ति बताया गया था। उन्‍होंने बताया कि भारत में अब लगभग 2 लाख स्टार्टअप हैं और यह विश्‍व के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में  मौलिक बदलाव आया है, जिसमें डीप टेक पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष चार या पांच सेमीकंडक्टर बनाने वाले देशों में शामिल होगा।
 
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति का उल्‍लेख करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि विश्‍व में 75 प्रतिशत चिप 28 से 90 नैनोमीटर रेंज की होती है। इनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, रेलवे, रक्षा प्रणाली, दूरसंचार उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। उन्होंने कहा कि भारत ने 2030 तक 7 नैनोमीटर तकनीक विकसित करने लक्ष्‍य निर्धारित किया है।
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