रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बायोफार्मा शक्ति और तीन समर्पित रासायनिक पार्कों के लिए 13 हजार करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान को देश के भविष्य के लिए रणनीतिक दांव बताया है। श्री नड्डा ने कल एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि मुक्त व्यापार समझौते विकसित भारत के लिए एक द्वार हैं और यह भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने के नए अवसर प्रदान करेंगे।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के माध्यम से भारत विश्व की फार्मेसी बन गया है और वर्ष 2035 तक वैश्विक स्तर पर 40 प्रतिशत दवाएं बायोलॉजिक्स होंगी। उन्होंने आगे कहा कि 2030 तक 300 अरब डॉलर के पेटेंट समाप्त होने वाले हैं, इसलिए भारत के लिए बायोलॉजिक्स की ओर बढ़ने का यह सही समय है।
सरकार का लक्ष्य 2030 तक वैश्विक रसायन क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी को पांच से छह प्रतिशत तक बढ़ाना और 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर का कारोबार हासिल करना है।