केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज शाम नई दिल्ली में पहले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट और लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिखर सम्मेलन पर एक प्रचार फिल्म भी जारी की।
इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन विश्व की प्रतिष्ठित बिग कैट्स के संरक्षण के लिए समर्पित एक ऐतिहासिक वैश्विक सम्मेलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि भारत इस वर्ष 1 जून को नई दिल्ली में पहले आईबीसीए शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की भागीदारी की उम्मीद है। बिग कैट संरक्षण में भारत की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यह प्रतिबद्धता, नवाचार, वैज्ञानिक प्रबंधन, संस्थागत सहयोग और सामुदायिक भागीदारी से चिह्नित है। प्रोजेक्ट टाइगर और शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण के लिए की गई पहलों की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने यह प्रदर्शित किया है कि संरक्षण और विकास साथ-साथ चल सकते हैं। जिससे पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होते हैं, आजीविका में सुधार होता है, लचीलापन बढ़ता है और जलवायु चुनौतियों का समाधान होता है। श्री यादव ने बताया कि शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख परिणाम ‘दिल्ली घोषणा’ नामक विशाल बिल्ली संरक्षण पर पहली वैश्विक घोषणा को अपनाना होगा, जो साझा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगी, सीमा पार सहयोग को मजबूत करेगी तथा विशाल बिल्लियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए भू-दृश्य-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, विदेश मंत्रालय में सचिव -पश्चिम सिबी जॉर्ज और आईबीसीए के महानिदेशक एस.पी. यादव ने भी सभा को संबोधित किया। विभिन्न विशाल बिल्ली प्रजाति वाले देशों के मिशन प्रमुखों के साथ-साथ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और आईबीसीए के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। भारत में मुख्यालय वाली अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था आईबीसीए की स्थापना सात विशाल बिल्लियों – शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण के लिए की गई है।