कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘विकसित भारत’ का मार्ग समृद्ध और आत्मनिर्भर गांवों से होकर गुजरता है। आज भावनगर जिले के हनोल गांव में आयोजित आत्मनिर्भर हनोल महोत्सव को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने ग्रामीण विकास में सामूहिक प्रयास और नवाचार के उदाहरण के रूप में ‘हनोल मॉडल’ की सराहना की। श्री चौहान ने दोहराया कि ऐसे आदर्श गांव 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की आधारशिला हैं।
कृषि मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता उत्पादन लागत कम करके उचित बाजार मूल्य सुनिश्चित कर किसानों की आय बढ़ाना है। प्राकृतिक खेती का समर्थन करते हुए उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा और मानव कल्याण सुनिश्चित करने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बंद करने का आग्रह किया। श्री चौहान ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता तभी प्राप्त होती है जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों और स्थानीय विकास पहलों का नेतृत्व करें। जल प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने ग्रामीणों को जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई में उनके अनुकरणीय कार्य को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।