बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 98 हजार 306 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के उद्योग जगत ने बजट 2026 को विकासोन्मुखी, संतुलित और दीर्घकालिक सुधारों पर आधारित बताया है। भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एन.जी. खेतान ने कहा कि बजट में दीर्घकालिक विकास के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। वहीं, आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उप-महानिदेशक संजय मेहता ने बजट को बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी बताया और कहा कि इसमें पारंपरिक क्षेत्रों और उभरती प्रौद्योगिकियों दोनों को शामिल किया गया है। मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लगातार नौवां बजट प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी और बजट को व्यावहारिक, समग्र और दूरदर्शी बताया।
केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में केरल की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर विचार करने में विफल रही है। जिनमें एम्स, रेल विकास, बंदरगाह विकास पैकेज और अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे हरियाणा के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि, उद्योग और युवा रोजगार को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने केंद्रीय बजट को दूरदर्शी और समावेशी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए नए अवसर, किसानों के लिए सुरक्षा, उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन, मध्यम वर्ग के लिए राहत और श्रमिकों के लिए मान्यता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि ओडिशा में ‘दुर्लभ खनिज गलियारे’ की स्थापना से खनिज प्रसंस्करण, अनुसंधान और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जलमार्ग-5 के चालू होने से खनिज समृद्ध और औद्योगिक क्षेत्र बंदरगाहों से जुड़ेंगे, जिससे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुनिश्चित होगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला कहा है। उन्होंने बताया कि यह बजट हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिनमें अन्नदाता किसान, युवा शक्ति, नारी शक्ति और वंचित वर्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि राज्यों के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में 1 दशमलव 4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान एक सकारात्मक और दूरगामी कदम है, जो सभी राज्यों के विकास की नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस परियोजना से दिल्ली की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, यात्रा सुविधाजनक होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे और व्यापार व उद्योग के लिए नए बाजार खुलेंगे।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने केंद्रीय बजट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की अवसंरचना-आधारित विकास रणनीति से पश्चिम बंगाल को माल ढुलाई संपर्क, औद्योगिक गलियारों, पर्यटन स्थलों और हरित परिवहन के क्षेत्र में लाभ होगा। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल को जानबूझकर दरकिनार किया गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है और सामाजिक सुरक्षा के लिए सार्थक प्रावधानों का अभाव है, उन्होंने आवंटन को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया और इसे एक दूरदर्शी और समावेशी बजट बताया जो भारत की विकास यात्रा में जनजातीय समुदायों को केंद्र में रखता है। संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ओराम ने कहा कि यह बजट अनुसूचित जनजातियों के समग्र, क्षेत्र-आधारित और जन-केंद्रित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है, साथ ही जनजातीय बहुल क्षेत्रों में आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के नए अवसर खोलता है। श्री ओराम ने कहा कि यह बजट एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के विस्तार, एकीकृत ग्राम विकास कार्यक्रमों और स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और युवा विकास में समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों सहित चल रही प्रमुख पहलों को और मजबूत करता है। श्री ओराम ने विश्वास व्यक्त किया कि बजट के प्रावधानों से सतत आय सृजन, सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास होगा।
महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि केंद्रीय बजट बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक है। बजट का स्वागत करते हुए मंत्री ने कहा कि इस वर्ष का बजट महिला नेतृत्व वाले विकास और बाल कल्याण के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अधिक समावेशी और सशक्त विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के सामूहिक संकल्प को आगे बढ़ाता है।
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि लैंगिक बजट विवरण में महिलाओं और लड़कियों के कल्याण के लिए पांच लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 11 दशमलव तीन-छह प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि यह वृद्धि विभिन्न क्षेत्रों में लैंगिक समानता को मुख्यधारा में लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए, राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने कहा कि बजट आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित करता है, साथ ही भारत की भावी अर्थव्यवस्था की नींव भी रखता है। उन्होंने बताया कि गिफ्ट सिटी के लिए आयकर छूट अवधि को 10 वर्षों से बढ़ाकर 20 वर्ष किए जाने से, यह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बन जाएगा।
गोवा चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री – जीसीसीआई ने केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक आत्मविश्वासपूर्ण और संतुलित रोडमैप बताया है। जीसीसीआई के मानद सचिव रोहन भंडारे ने बताया कि सरकार ने व्यापार करने में आसानी और रिटर्न को सरल बनाने के संबंध में उद्योग जगत की कई प्रमुख सिफारिशों को स्वीकार किया है। वहीं, उपाध्यक्ष यतिन काकोडकर ने विशेष रूप से मत्स्य पालन क्षेत्र पर बजट के फोकस की सराहना करते हुए कहा कि शुल्क-मुक्त आयात में वृद्धि से गोवा की तटीय अर्थव्यवस्था को काफी लाभ होगा, साथ ही चिकित्सा पर्यटन और नारियल आधारित गतिविधियों के लिए नए प्रोत्साहन भी मिलेंगे। वहीं, स्थानीय व्यापारियों के समुदाय ने गोवा के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के लिए एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में बजट का स्वागत किया है।