आयुर्वेदिक औषधि निर्माता संघ (ए.एम.ए.एम) ने भारत-अमरीका व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए इसे देश के दवा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और स्थिर विकास बताया है। मीडिया से बातचीत में ए.एम.ए.एम के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप मुल्तानी ने कहा कि अंतरिम ढांचा महत्वपूर्ण नीतिगत निश्चितता प्रदान करता है क्योंकि औषधि उत्पाद, विशेष रूप से जेनेरिक दवाएं, प्रतिकूल टैरिफ उपायों से सुरक्षित रहेंगी, जिससे अमरीका को निर्यात की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
श्री मुल्तानी ने कहा कि अमरीका के लाखों रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाली सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने में दवा कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता एक विश्वसनीय और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
ए.एम.ए.एम के अध्यक्ष ने कहा कि यह ढांचा लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण, एकल स्रोत निर्भरता को कम करने और विनिर्माण प्रौद्योगिकी में गहरे रणनीतिक सहयोग का संकेत देता है।