फ़रवरी 14, 2026 12:41 अपराह्न

printer

अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर की दूसरी वर्षगांठ, लाखों श्रृद्धालुओं ने किए दर्शन

अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर की दूसरी वर्षगांठ आज हर्षोल्‍लास के साथ मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वर्ष पहले इस मंदिर का उद्घाटन किया था। पश्चिम एशिया में पारंपरिक पत्थर से निर्मित पहला हिंदू मंदिर एक पूजा स्‍थल होने के साथ ही अपने अनूठी विेशेषताओं से एक ऐतिहासिक स्थल बन गया है।

वर्ष 2024 में जनता के लिए खुलने के बाद से, यह मंदिर आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक संवाद और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत केंद्र के रूप में उभरा है, जो इस क्षेत्र में सद्भाव, विरासत और साझा मूल्यों का प्रतीक है। विशेष बात यह है कि इसके निर्माण में स्टील का उपयोग नहीं किया गया है। हाथ से तराशे गए राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और इतालवी संगमरमर से पारंपरिक हिंदू वास्तुकला का उपयोग करते हुए मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर में दैनिक प्रार्थना, त्योहारों और धार्मिक समारोहों के लिए संयुक्‍त अरब अमीरात और विश्‍वभर से श्रृद्धालुओं का आना लगा रहता है।

यह मंदिर अमीरात में भारतीय समुदाय के लिए एक अनूठा आध्यात्मिक स्‍थल और सांस्कृतिक सहिष्णुता के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा है। इस अवसर पर मंदिर के प्रमुख पूज्य ब्रह्मविहारी स्वामी ने कहा कि यह आध्यात्मिक आनंद का विषय है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर का उद्घाटन किया, तो संयुक्त अरब अमीरात ने मानवता के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। यह मंदिर विश्व को आध्यात्मिक और मानवीय सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में लाखों श्रृद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए हैं।