पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ एसआईआर प्रक्रिया संबंध में दर्ज की गई दो पुलिस शिकायतों पर चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय ने एक बयान में आरोपों को पूर्वनियोजित और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि ये शिकायतें एसआईआर 2026 के लिए कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे अधिकारियों को डराने-धमकाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है।
आयोग ने कहा कि डराने-धमकाने की रणनीति बाहरी दबाव के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए बनाई गई है। चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। बयान में कहा गया है कि इन संगठित और सुनियोजित शिकायतों के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे।