अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को हासिल करने के वाशिंगटन के प्रयासों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा प्रस्तावित आपातकालीन जी7 बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। अपने दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर व्हाइट हाउस में आयोजित एक ब्रीफिंग में श्री ट्रम्प ने कहा कि वे बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनका मानना है कि उनके देश में श्री मैक्रों की नेतृत्वकारी भूमिका समाप्त हो रही है।
इससे पहले, श्री मैक्रों ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के बाद जी7 की बैठक के लिए श्री ट्रंप को पेरिस आमंत्रित किया था। श्री मैक्रों ने यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस से संबंधित वार्ता का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ग्रीनलैंड पर ट्रंप का रुख समझ नहीं आया, जबकि सीरिया और ईरान पर अमरीका के साथ सहयोग का उल्लेख किया।
श्री ट्रंप ने कहा कि दावोस में उनकी पहले से ही बैठकें तय हैं। इसमें ग्रीनलैंड से सीधे तौर पर जुड़े लोगों के साथ चर्चा भी शामिल है। उन्होंने नाटो की आलोचना करते हुए दावा किया कि वह अमरीका के साथ अनुचित व्यवहार करता है और सवाल उठाया कि क्या जरूरत पड़ने पर सहयोगी देश अमरीका की रक्षा करेंगे।
विश्व आर्थिक मंच पर मैक्रों ने अमरीका की व्यापार नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए वॉशिंगटन पर यूरोप को कमजोर करने के लिए शुल्क का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और बढ़ती वैश्विक अस्थिरता तथा तानाशाही की ओर बढ़ते रुझान की चेतावनी दी। व्हाइट हाउस ने ट्रंप के कार्यकाल के पहले वर्ष को एक बड़ी सफलता बताते हुए घरेलू सुधारों और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का हवाला दिया और 365 दिनों में 365 जीत दर्ज कीं।