प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ निर्यात संवर्धन मिशन-ई.पी.एम को मंजूरी दे दी है। इस प्रमुख पहल की घोषणा इस वर्ष के बजट में भारत के निर्यात को विशेष रूप से एम.एस.एम.ई के पहली बार के निर्यातकों और श्रम क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए की गई थी।
नई दिल्ली में बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह मिशन वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक व्यापक, लचीला और डिजिटल रूप से संचालित खाका उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि ईपीएम कई योजनाओं से परिणाम-आधारित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। यह वैश्विक व्यापार चुनौतियों और उभरती निर्यातक जरूरतों को पूरा कर सकता है।