आर्थिक मामलों के विभाग ने देश में अवसंरचना विकास को सुव्यवस्थित करने के लिए तीन वर्षीय सार्वजनिक-निजी भागीदारी-पीपीपी परियोजना तैयार की है। यह पहल केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के बाद शुरू की गई है। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए एक संगठित ढांचा बनाकर राष्ट्रीय अवसंरचना को बढ़ावा देना है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, पीपीपी परियोजना में केंद्रीय अवसंरचना मंत्रालयों तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 852 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।