जनवरी 27, 2026 8:35 पूर्वाह्न

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सरकार ने कहा भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए आधिकारिक स्तर की बातचीत पूरी कर ली है। जिसकी घोषणा आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की मेजबानी में होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान की जाएगी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ शिखर वार्ता भी करेंगे।

श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता संतुलित और दूरदर्शी है, जो दोनों पक्षों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करेगा और व्यापार तथा निवेश को नई गति देगा। इस समझौते से कपड़ा, रसायन, रत्न एवं आभूषण, विद्युत मशीनरी, चमड़ा और जूते जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के कई भारतीय उत्पादों को शुल्क मुक्त पहुंच मिलने की संभावना है।

वर्तमान में भारतीय उत्पादों पर यूरोपीय संघ द्वारा लगभग 3.8 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है, जबकि श्रम-प्रधान क्षेत्रों में यह आयात शुल्क लगभग 10 प्रतिशत तक है। वही, यूरोपीय संघ के उत्पादों पर भारत का भारित औसत शुल्क लगभग 9.3 प्रतिशत है, जिसमें ऑटोमोबाइल पुर्जों पर 35.5 प्रतिशत, प्लास्टिक पर 10.4 प्रतिशत और रसायन और औषधियों पर 9.9 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता हैं।

मुक्त व्यापार समझौते के अलावा, दोनों पक्ष निवेश संरक्षण और भौगोलिक संकेत (जीआई) से संबंधित समझौतों पर भी बातचीत कर रहे हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में वस्तुओं, सेवाओं और निवेश के व्यापार सहित 24 अध्याय शामिल हैं।

वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 13653 करोड़ डॉलर था, जिससे यूरोपीय संघ, भारत का सबसे बड़ा वस्तु व्यापार साझेदार बन गया है। वही, 2024 में सेवाओं का व्यापार 8310 करोड़ डॉलर रहा।

भारत का 2024-25 में व्यापार अधिशेष 1517 करोड़ डॉलर रहा। यूरोपीय संघ भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि भारत को यूरोपीय संघ के कुल विदेशी निर्यात का लगभग 9 प्रतिशत प्राप्त होता है।